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जीवन में हास्य ठिठोली आवश्यक भले ही हो,किन्तु जीवन ही कहीं ठिठोली न बन जाये यह भी देखना होगा.सबको साथ ले हंसें किसी पर नहीं! मनोरंजन और छिछोरापन में अंतर है.स्वतंत्रता और स्वच्छंदता में अंतर है.अधिकार से पहले कर्तव्यों को भी समझें. तिलक.(निस्संकोच ब्लॉग पर टिप्पणी/ अनुसरण/ निशुल्क सदस्यता व yugdarpanh पर इमेल/ चैट करें, संपर्कसूत्र- तिलक संपादक युगदर्पण 09911111611, 09911145678,09654675533



YDMS चर्चा समूह

बिकाऊ मीडिया -व हमारा भविष्य

: : : क्या आप मानते हैं कि अपराध का महिमामंडन करते अश्लील, नकारात्मक 40 पृष्ठ के रद्दी समाचार; जिन्हे शीर्षक देख रद्दी में डाला जाता है। हमारी सोच, पठनीयता, चरित्र, चिंतन सहित भविष्य को नकारात्मकता देते हैं। फिर उसे केवल इसलिए लिया जाये, कि 40 पृष्ठ की रद्दी से क्रय मूल्य निकल आयेगा ? कभी इसका विचार किया है कि यह सब इस देश या हमारा अपना भविष्य रद्दी करता है? इसका एक ही विकल्प -सार्थक, सटीक, सुघड़, सुस्पष्ट व सकारात्मक राष्ट्रवादी मीडिया, YDMS, आइयें, इस के लिये संकल्प लें: शर्मनिरपेक्ष मैकालेवादी बिकाऊ मीडिया द्वारा समाज को भटकने से रोकें; जागते रहो, जगाते रहो।।: : नकारात्मक मीडिया के सकारात्मक विकल्प का सार्थक संकल्प - (विविध विषयों के 28 ब्लाग, 5 चेनल व अन्य सूत्र) की एक वैश्विक पहचान है। आप चाहें तो आप भी बन सकते हैं, इसके समर्थक, योगदानकर्ता, प्रचारक,Be a member -Supporter, contributor, promotional Team, युगदर्पण मीडिया समूह संपादक - तिलक.धन्यवाद YDMS. 9911111611: :

Friday, April 22, 2016

मुजफ्फरनगर दंगा: शर्मनिरपेक्ष इन बड़े पत्रकारों पर कार्रवाई की संस्तुति

लखनऊ। मुजफ्फरनगर दंगों पर एक टीवी चैनल द्वारा स्टिंग (मर्म छेदन अभियान) कराए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस मर्म छेदन अभियान (मछेअ) की हुई जांच रपट आज सदन में प्रस्तुत की गई। सतीश निगम द्वारा प्रस्तुत की गई इस रपट में इस टीवी चैनल के कई पत्रकारों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की गई है। 
ध्यान रहे कि उक्त स्टिंग (मछेअ) में सपा नेता आजम खां पर दंगा भड़काने का आरोप लगाया गया था। इस मछेअ (स्टिंग) के प्रसारित होने के बाद इस पर सतिश निगम की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी बैठाई गई थी। 
350 पृष्ठों की जांच रपट में निम्नलिखित पत्रकारों पर कार्यवाई करने की अनुशंसा की गई है- सुप्रिया प्रसाद, दीपक शर्मा, अरूण सिंह, हरी शर्मा, राहुल कंवल और पुण्य प्रसुन वाजपेयी। अंतत: इन राष्ट्रद्रोही पत्रकारों का ऊँट पहाड़ के नीचे आ ही गया। मुज़फ्फरनगर के शांत जीवन से ठिठोली करने के कारण इन पर भादंसं की निम्न धाराओं में कार्रवाई की अनुशंसा की गई है- 153A, 295, 200, 463, 464, 469, 47 
लो आ गए अच्छे दिन, बड़ी चाह थी इन्हें 'अच्छे दिन' की, मनोकामना पूर्ण हुई। 
हास्य परिहास तो जीवन में आवश्यक है किन्तु परिहास में भी ऐसी ठिठौली !
देश, समाज और जीवन से ठिठोली नहीं, और ठिठोली का नाम हास्य नहीं।।
http://jeevanmelaadarpan.blogspot.in/2016/04/blog-post_22.html 

Thursday, April 21, 2016

वन्देमातरम, लातूर का सत्य

वन्देमातरम, लातूर का सत्य 
जिनके शासन में भ्रष्टाचार ही राशन था जिनकी निष्कृयता से महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति बनी वो तथा उनके कुछ कव्वे बार-बार पूछ रहे थे कि महाराष्ट्र में सूखे से निपटने के लिए राज्य और केन्द्र सरकार क्या कर रही है?? यह समाचार सर्वसाधारण को उन्हीं कव्वों की काँव काँव तथा भ्रमजाल से बचाने के लिए है... 18 माह का काम वर्तमान शासन में, मात्र नौ दिनों में पूरा करके लातूर में पानी पहुँचाया गया... जो लोग साठ वर्ष (लोकतंत्र मुखौटे में राजतंत्र) के कूड़े की तुलना दो वर्ष के समर्पित काम से करते हैं, उनसे बड़ा निज -शत्रु कोई नहीं... 
युगदर्पण तथा युदमीस (YDMS) उन सब का आवाहन करता है, जो 6 दशक इनका शिकार बने। 
जनता को भ्रमित करने और हमारे सामाजिक सांस्कृतिक ढांचे को नष्ट करने वाले, नकारात्मक भांड मीडिया का एकमात्र परिष्कृत सुघड़ सकारात्मक विकल्प है - युगदर्पण, दूरदर्पण, युगदर्पण मीडिया समूह YDMS 

और हाँ!!! पूछिए उनसे कि जिस देश से उन्हें सब कुछ मिला, देश का विकास, जनता के सौभाग्य के शत्रु क्यों बने हैं वो ????  क्या आप मेरी बात से सहमत हैं  हाँ या नहीं लिखें            हाँ Yes या नहीं No
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http://jeevanmelaadarpan.blogspot.in/2016/04/blog-post_21.html 
देश, समाज और जीवन से ठिठोली नहीं, और ठिठोली का नाम हास्य नहीं| 

Tuesday, December 9, 2014

शर्मनिरपेक्षो 'कुछ तो शर्म करो' !

शर्मनिरपेक्षो 'कुछ तो शर्म करो' !
वन्देमातरम, हर भारतीय अवश्य पढ़े,
सबको शेयर अवश्य करें; Share All
उनकी घर वापसी, इनकी पीड़ा;
जब वो घर छोड़ गए, ये चुप रहे ?
उनकी घर वापसी का, हंगामा कर डाला ?
अपने होते तो अपनाते; गैर हैं जो छुटकारा पाते।
कौन मित्र -कौन शत्रु, अँधेरा दूर कर डाला।


तुम संरक्षक थे, मुसलमानों के नहीं, आतंकियों के;
मूसल इमान वाले; इनके समीप हो गए।
हिन्दुओं को सांप्रदायिक कहकर, आतंकियों का समर्थन किया;
तुम तो वोट बैंक मानते रहे, किन्तु इन्होने गले लगा लिया।
तुम्हारा खेल सारा, हम अब समझ गए;
तुम्हे कष्ट है कि हम, घर वापिस क्यों आ गए ?
-तिलक YDMS 7531949051.

उत्तिष्ठत अर्जुन, उत्तिष्ठत जाग्रत ! 

नकारात्मक मीडिया के भ्रम के जाल को तोड़, सकारात्मक ज्ञान का प्रकाश फैलाये। 

समाज, विश्व कल्याणार्थ देश की जड़ों से जुड़ें, युगदर्पण मीडिया समूह के संग।। YDMS

      जब नकारात्मक बिकाऊ मीडिया जनता को भ्रमित करे, 
तब पायें - नकारात्मक मीडिया के सकारात्मक व्यापक विकल्प का सार्थक संकल्प- युगदर्पण मीडिया समूह YDMS. 
हिंदी साप्ताहिक राष्ट्रीय समाचार पत्र, 2001 से
पंजी सं RNI DelHin11786/2001(सोशल मीडिया में
     विविध विषयों के 30 ब्लाग, 5 नेट चेनल  अन्य सूत्र) की

        60 से अधिक देशों में एक वैश्विक पहचान। -YDMS  07531949051

স্বদেশ প্রত্যাবর্তন, ફર્યાનો, ಮರಳುತ್ತಿರುವ, தாயகம் திரும்பும், హోమ్కమింగ్, ഘര് വപ്സി, ਪਲੀਤੀ, گھر واپسی
जीवन ठिठोली नहीं, जीने का नाम है |

Monday, September 15, 2014

कहीं सादगी, कहीं लूट का जश्न !

कहीं सादगी, कहीं लूट का जश्न !
अपने लिए जिए तो क्या जिए, तू जी ए दिल ज़माने के लिए।
देश का है दर्द तो मोदी सा जिए, ऐसे में जश्न, जनता का खून पिये।
काश, 2004 में सीआईए एजेंट सोनिया के पाखंड को
बिकाऊ मीडिया ने त्याग कह मदर टेरेसा बना
देश को भर्माया न होता, इस प्रकार 10 वर्ष लुटवाया न होता।
Alas, in 2004 the CIA agent Sonia's Hypocrisy,
Available media avoided to say the sacrifice to equate ​​Mother Teresa, thus to misguide, the Nation would not been Looted for 10 years.
হায়রে, 2004 সিআইএ এজেন্ট সোনিয়া এর ভণ্ডামি,
আত্মাহুতি ভুল পথে চালিত এইভাবে, মাদার তেরেসা সমার্থক বলে এড়িয়ে যাওয়া যায় মিডিয়া, জাতির 10 বছর লুট করা হবে না. અરે, 2004 સીઆઇએ એજન્ટ સોનિયા માતાનો દંભને માં,
બલિદાન છેતરે છે આમ, મધર ટેરેસા સમીકરણ કહેવું ટાળી ઉપલબ્ધ મીડિયા, રાષ્ટ્રનું 10 વર્ષ માટે Looted કરવામાં નથી. ಅಯ್ಯೋ, 2004 CIA ಏಜೆಂಟ್ ಸೋನಿಯಾ ಬೂಟಾಟಿಕೆಯಂತೆ,
ತ್ಯಾಗ ತಪ್ಪು ದಾರಿಗೆ ಸೆಳೆ ಹೀಗೆ, ಮದರ್ ತೆರೇಸಾ ಪೂರಕವಾಗಿಲ್ಲ ಹೇಳಲು ತಪ್ಪಿಸಬೇಕು ಮೀಡಿಯಾ, ನೇಷನ್ 10 ವರ್ಷಗಳಿಂದ ಲೂಟಿ ಎಂದು. अरेरे, 2004 CIA एजंट सोनिया च्या ढोंगीपणा मध्ये,
त्याग दिशाभूल करणे अशा प्रकारे, मदर टेरेसा सारखा म्हणू टाळले उपलब्ध मीडिया, राष्ट्राची 10 वर्षे ऐवज केले नसते. అయ్యో, 2004 CIA ఏజెంట్ సోనియా హిపోక్రసీ లో,
త్యాగం misguide విధంగా, మదర్ తెరెసా పోల్చుతారు చెప్పటానికి తప్పించింది అందుబాటులో మీడియా, నేషన్ 10 సంవత్సరాలు లూటెడ్ చేశారు కాదు. ਹਾਏ, 2004 ਸੀਆਈਏ ਏਜੰਟ ਸੋਨੀਆ ਦੇ ਦੰਭ ਵਿੱਚ,
ਬਲੀਦਾਨ ਨੂੰ ਕੁਰਾਹੇ ਨੂੰ ਇਸ ਪ੍ਰਕਾਰ, ਮਦਰ ਟੇਰੇਸਾ ਨੂੰ ਜ਼ਿੱਲਤ ਨੂੰ ਕਹਿਣ ਲਈ ਬਚਣਾ ਉਪਲੱਬਧ ਮੀਡੀਆ ਨੂੰ, ਕੌਮ ਨੂੰ 10 ਸਾਲ ਲਈ ਲੁੱਟਿਆ ਗਿਆ, ਨਾ ਹੋਵੇਗੀ. ஐயோ, 2004 சிஐஏ ஏஜென்ட் சோனியா பாசாங்கு உள்ள,
தியாகம் வழிகெடுப்பதற்காக இதனால், அன்னை தெரேசா சமன் சொல்ல தவிர்க்கப்பட கிடைக்கும் ஊடகம், தேசம் 10 ஆண்டுகள் சூறையாடினார்.
नकारात्मक मीडिया के सकारात्मक व्यापक विकल्प का सार्थक संकल्प
-युगदर्पण मीडिया समूह YDMS- तिलक संपादक 7531949051, 9911111611 
बनते हैं 125 करोड़ शेयर -Share and Share, to reach 125 Crore
http://jeevanmelaadarpan.blogspot.com/2014/09/blog-post_15.html
http://thitholeedarpan.blogspot.com/2014/09/blog-post_15.html
जीवन ठिठोली नहीं, जीने का नाम है |

Tuesday, September 2, 2014

सुधरेंगे नहीं, हम?

सुधरेंगे नहीं, ?औकात भूल गए क्या? मार्च में इन्ही हरकतों ने डुबोया था, तुम्हें और तुम्हारे आकाओं को मई में 



#आजतक चैनल के #थर्ड डिग्री #कार्यक्रम में मार्च में बाबा राम देव ने कहा
 कभी राहुल गांधी को भी बुलाकर इस कार्यक्रम में घेरिये। तो इस पर पुण्य प्रसून का उत्तर """
आप भी कभी मोदी जी से, इस कार्यक्रम में आने के लिए कहिये।""राहुल गांधी के नाम पर मिर्ची लग जाती है इनको। इन हरामखोरो को याद नहीं रहा लगता हैमोदी इनके चेनल पर सीधी बात मे चुके है और ये क्या चाहते है?मोदी इस दलाल चेनल पर बार 2 आये, तो इसके इनकी घटती टीआरपी फिर बढ़े ये अपने सगे वाले कोंग्रेसियो के दलाल चेनल, अपने आकाओं को बुलाकर टेड़ा प्रश्न पूछ, आकाओं को नंगा करने का साहस नहीं होता। तभी तो बुला कर हल्का प्रश्न पूछतेहै। आज तक न्यूज़ चैनल सबसे बड़ा कोंग्रेसी, औरआप पार्टी का दलाल। इनका काम हिन्दू धर्म हिन्दू संगठनो पर ऊँगली उठाना और साथ में दिन रात मोदी, भाजपा के बारे में झूठे समाचार दिखा कर लोगो को भ्रमित करना। 
नकारात्मक मीडिया का सकारात्मक विकल्प युगदर्पण| -YDMS मार्च 2014 
और अब भी -जिस परिवार की सरकार ने 6 दशक 21900 दिन सत्ता में रह कर, केवल देश को लूटा, वादे पूरे हैं किये, मात्र 100 दिन में बिलखने लगे ? साथ में उनके टुकड़खोर, जिन्हे पहले मलाई की खुरचन मिल जाती थी, हाय अब क्या करेंगे ? रोना बिलखना इस बात का है। 
उत्तिष्ठत अर्जुन, उत्तिष्ठत जाग्रत !! 
जब नकारात्मक बिकाऊ मीडिया जनता को भ्रमित करे, 
तब पायें - नकारात्मक मीडिया के सकारात्मक व्यापक विकल्प का सार्थक संकल्प- युगदर्पण मीडिया समूह YDMS. 
हिंदी साप्ताहिक राष्ट्रीय समाचार पत्र, 2001 से पंजी सं RNI DelHin11786/2001(सोशल मीडिया में विविध विषयों के 30 ब्लाग, 5 चेनल व अन्य सूत्र) की 60 से अधिक देशों में एक वैश्विक पहचान है। 
आपकी सहमति के, शेयर के सभी आँकलन तोड़ -ये पहुंचें 125 करोड़
जो शर्मनिरपेक्ष, अपने दोहरे चरित्र व कृत्य से- देश धर्म संस्कृति के शत्रु;
राष्ट्रद्रोह व अपराध का संवर्धन, पोषण करते। उनसे ये देश बचाना होगा। तिलक
जीवन ठिठोली नहीं, जीने का नाम है |

Wednesday, August 20, 2014

आत्मविश्लेषण -भाईचारे के कैंसर का !

आत्मविश्लेषण -भाईचारे के कैंसर का ! 
वन्देमातरम,
उत्तिष्ठत पार्थ, उत्तिष्ठत जाग्रत; जागृति ही संस्कृति का बोध है।
इराक में सुन्नी आतंकी जिस प्रकार शियाओं का रक्तपात कर रहे हैं, उससे ये बातें स्पष्ट हैं कि
* जो मुस्लिम हो कर मुसलमानों का क्रूरता पूर्वक रक्तपात, महिला व अबोध बालकों के प्रति जघन्यतम अमानवीयता का व्यवहार कर रहे हैं, उ प्र सरकार व तथाकथित मानवतावादी पाखंडी इनके अपराधों को भाईचारे के नामसे कितना छुपा ले, सत्य मुजफ्फरनगर मुरादाबाद या बरेली का, ये छछूंदर लगाके भाईचारे का तेल चमेली का, छुपा नहीं सकते।
हिन्दू और शिया मुसलमान दोनों सहित सम्पूर्ण मानवता पर संकट है सुन्नी, ये जान ले हर मुन्ना मुन्नी। 
* जिनके अमानवीय आतंकी स्वरूप को जगत ये सारा जानता है, भारत भी इसे पहचानता है। ऑस्ट्रेलिया इन्हें इस रूपमे अस्वीकार कर चूका है। अमेरिका इतने विशाल देश में इन्हे एक कोना तक देने को तैयार नहीं, ऐसे शैतान का समर्थन, पालन व संरक्षण कैसा मानवतावाद है ? पाखंड है, राष्ट्रद्रोह है।
* सुन्नी आतंकीयों की अमानवीयता की दुर्गन्ध छिपाते, जो लगाके भाईचारे का तेल चमेली का, स्वयं को मानवतावादी कहने का छल करते है। सुन्नी आतंकीयों की अमानवीयता जानते हुए अनजान बनते हैं? एक ओर निरपराध हिन्दुओं के रक्तपात के उनके अपराधों के लिए हिन्दुओं को ही अपराधी का कलंक लगाकर दण्डित करना, दोहरा अत्याचार का अपराध करना है। ये पाखंडी स्वयं उनके अपराध के सहभागी बनते हैं।
* ऐसे मानवतावादी दो प्रकार के हैं: एक जो वामपंथी या मैकालेवादी, राष्ट्र के शत्रु हैं दूसरे काले अंग्रेज व शर्मनिरपेक्ष हिन्दू जो इनके 6 -7 दशकों के बनाये वातावरण (शिक्षा प्रचार व्यवस्था पर नियंत्रण द्वारा) से भ्रमित, गीता का उपदेश भूल चुके, इनका पक्ष लेते हैं।
* अंत में इनके समर्थक बताएं, मानवतावाद के नाम पर ऐसे अमानवीय शैतान का समर्थन, कर क्या आप मानवता की सेवा कर रहे हैं या विनाश ? कैंसर ग्रस्त अंश का उपचार रोकना या टालना पूरे शरीर को कैंसरमुक्त करना है या कैंसरयुक्त ? निर्णय आपका है परिणाम पूरे देश को भुगतना है।
इसका आत्मविश्लेषण करें, कहीं आपकी सोच, अनचाहे अनजाने में राष्ट्रघाती न बन जाये।
आओ भारत को सशक्त बनायें! अधिक से अधिक शेयर कर 125 करोड़ तक पहुंचाएं!!
उत्तिष्ठत अर्जुन, उत्तिष्ठत जाग्रत !! 
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राष्ट्ररक्षायाम उत्तिष्ठत जाग्रत, परित्राणाय साधुनाम विनाशाय
च: दुष्कृताम, अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानम सृज्याहम !! -तिलक
"अंधेरों के जंगल में, दिया मैंने जलाया है |
इक दिया, तुम भी जलादो; अँधेरे मिट ही जायेंगे ||"- तिलक
जीवन ठिठोली नहीं, जीने का नाम है |

Sunday, August 10, 2014

आप कैसा भारत चाहते हैं ?

आप कैसा भारत चाहते हैं ? 
आप अपनी आने वाली पीढ़ी को कौनसा भारत देना चाहते हैं? जब दारुल हरब और दारुल इस्लाम के नामसे वैश्विक निर्णायक युद्ध छेड़ा जाये आप कहें मैं युद्ध के विरुद्ध हूँ, तो क्या आप बच पाएंगे? आप कहें सबके खून का रंग एक है तो क्या रंग एकता का क्विक फिक्स है? डीएनए तो भिन्न है। क्या + ग्रुप के रक्त में - ग्रुप का रक्त चढ़ाया जा सकता है ? जहाँ युद्ध नियम से नहीं, किसी मूल्य पर विजय केंद्रित हो तब निष्क्रियता प्राण रक्षा नहीं आत्महन्ता बन जाती है। निर्णायक युद्ध का परिणाम हिन्दू भारत या इस्लामिक दोनों में से एक चुनना होगा तीसरा कोई विकल्प नहीं। 
जो हिन्दू मुस्लिम तर्क नहीं समझते ताश का फ़्लैश जानते हैं। आप खेल में बैठे सेक्युलर ढंग से कहते हैं मैं हारने जीतने के पक्ष में नहीं हूँ। अपने चक्र का बूट शायर डालना पड़ेगा, किसी भी गणित से खेल के अंत में हारा मिलेगा। 
अब निर्णय आपका है। हिन्दू भारत या इस्लामिस्तान ? गीता की कर्मण्यता अपनाएंगे या वामपंथियों की कुत्सित भ्रमित कर्मण्यता। क्योंकि इनका पाखंड तो अब खंड खंड होगा यह निश्चित है। 
जब नकारात्मक बिकाऊ मीडिया जनता को भ्रमित करे, 
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विश्व कल्याणार्थ भारत को विश्व गुरु बनाओ !!! যুগ দর্পণ, યુગ દર્પણ ਯੁਗ ਦਰ੍ਪਣ, யுகதர்பண യുഗദര്പണ యుగదర్పణ ಯುಗದರ್ಪಣ, يگدرپ, युग दर्पण:, yugdarpan
जीवन ठिठोली नहीं, जीने का नाम है |

धर्मनिरपेक्ष संविधान या तालिबान ?

धर्मनिरपेक्ष संविधान या तालिबान ? 
धारा 30 (A) क्या आप इसे उचित मानते हैं ? 
क्या आप इस शर्मनिरपेक्ष अनुचित कुचक्र का समर्थन करते हैं।  क्या यह धर्मनिरपेक्षता के नाम पर भारत के इस्लामीकरण का गुप्त द्वार (चोरदरवाजा) नहीं है ? यह पूर्ववर्ती शर्मनिरपेक्ष सरकार का दिया तालिबानी कानून है। समानता के नामपर घोर भेदभाव कारक। 
जब नकारात्मक बिकाऊ मीडिया जनता को भ्रमित करे, 
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विश्व कल्याणार्थ भारत को विश्व गुरु बनाओ !!! যুগ দর্পণ, યુગ દર્પણ ਯੁਗ ਦਰ੍ਪਣ, யுகதர்பண യുഗദര്പണ యుగదర్పణ ಯುಗದರ್ಪಣ, يگدرپ, युग दर्पण:, yugdarpan
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Saturday, August 9, 2014

आतंकवाद रक्षक -मानवतावादी पाखंड

आतंकवाद रक्षक -मानवतावादी पाखंड
वन्देमातरम,
जिन्दा हूँ के साँस अभी बाकि है ये मुहावरा क्या आपको वीरोचित लगता है ?
आशावाद आवश्यक है किन्तु जब उसमे पुरुषार्थ जुड़ा हो और पुरुषार्थ मन से आशा सहित ही परिणाम कारक होता है -ईश्वर पर विश्वास और पुरुषार्थ का संगम आवश्यक है। गीता के सन्देश 'कर्मण्ये वाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।' को स्मरण रखें -तिलक संपादक युगदर्पण।
विगत 700-800 वर्षों से, हमें भारत में बहुत कुछ विदेशी आक्रमणों के कारन झेलने को मिला है, किन्तु हम अभी भी बच गए है और गत 20 वर्षों में हमें पुनर्जीवित किया जा रहा है और इस प्रकार का विचार कई बार कहने सुनने में आता रहा है। दूसरी ओर तर्क यह भी है कि 2000 वर्ष पूर्व कोई ईसाई धर्म अथवा इस्लाम नहीं था जो आज 50 % हैं। केवल हिंदुत्व अथवा इसी के विस्तार में बौद्ध धर्म सम्पूर्ण एशिया में व्याप्त था या जैन भी हुए। भारत 80 % सिकुड़ कर मात्र 20 % रह गया है। और हम 2000 वर्ष पूर्व के गौरव के साथ वर्तमान के यथार्थ को भी समझें। विश्व के अनेक देशों हमारी संस्कृति के खंडहर हमारी गौरव गाथा आज भी गा रहे है (जब कि इस्लाम ने कई स्थानों पर उन्हें नष्ट भी किया है)।
हम 5000 वर्ष पुरानी सभ्यता हैं. क्योंकि हम अजेय भी रहे हैं और विश्व विजेता हम अपने शौर्य प्रक्रम के कारण थे किन्तु पराजितों को बार बार क्षमा दान देने वाले एक बार जयचंद अथवा छलपूर्वक पराजित किये जाने पर मर्दन का शिकार हुए। इसने हमारे गौरव का भी मर्दन कर दुष्ट वामपंथियों व मैकाले वादियों को यह अवसर प्रदान किया कि हमें हीनता का शिकार बना, भ्रम की स्थिति बनाने का कुचक्र रच सकें। विगत में शासक इसी स्थिति का या तो समर्थन करते रहे या रोकने में असफल रहे। विश्व गुरु और विश्व विजेता भारत विश्व कल्याण से अपने कल्याण में भी असमर्थ दिखा। अत: कथित मानवता वादी पाखंड से भ्रमित पौरुष त्याग चुके, हमारे आज की महाभारत के अर्जुन अकर्मण्यता का त्याग करें।
कल्पना यह करें कि जिस सोने की चिड़िया के पंख एक सहस्त्र वर्ष से आज तक (संप्रग की लूट सहित) नोचे जा रहे हैं उसका पूर्व रूप कैसा रहा होगा। कल्पना यह करें कि नालंदा तक्षशिला के विशाल ज्यान भंडार मुगलों ने जिनका अग्नि दहन किया। फिर भी उनका समर्थन करने में अपनों से लड़ते कथित मानवता वादी। इनके दबाव या भ्रम में जीवन की महाभारत के हमारे अर्जुन पौरुष त्याग, किस प्रकार जाने अनजाने चाहे अनचाहे विश्व कल्याणकारी संस्कृति को नष्ट कर रहे हैं। उत्तिष्ठत पार्थ उत्तिष्ठत जागृत
क्योंकि, हमारा गौरव पूर्ण इतिहास काल्पनिक नहीं है। अत: हम न तो पूर्व की कल्पनाओं में संकटों को अनदेखा करें, न इतिहास को नकार कर हीन भावना और भरें, आत्म मुग्ध या आत्म हन्ता बन संकट की अनदेखी, ये दोनों ही आत्म घाती है हानि कारक हैं। आंतरिक शक्तियों का संचय एवं संवर्धन कर, भारत फिर विश्व गुरु और विश्व विजेता बन हम विश्व कल्याण में अपनी भूमिका निर्धारित कर सकते हैं।आधुनिक ज्ञान विज्ञान से पुष्ट हमारा पौराणिक ज्ञान विज्ञान तथा नई ऊर्जा का संचय कर भारत के उज्जवल भविष्य का निर्माण हमारी स्वतंत्रता के अच्छे दिनों का सन्देश होगा।
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Friday, August 8, 2014

मानवतावादी पाखंडीयों कहाँ हो ?

मानवतावादी पाखंडीयों कहाँ हो ? 
ISIS के आतंकी की दुल्हन बनी, 7 वर्ष की एक अबोध, बालिका देवी के लिये पल भर के लिये आंखों मे अंगारे भरना तो दूर आंखें नाम भी नहीं होती, वैभवशाली कोठी के वातानुकूलित कमरो मे मानवतावाद के पाखंडी शर्मनिरपेक्ष सेकुलरों की ..? भगवान न करे, ये भी ऐसे ही किसी दरिन्दे के साथ अपने घर की किसी देवी को स्वयं अपने हाथ से सजा सवार कर भेजने एवं इन्ही आंखो से अश्रु बहाने के लिये बाध्य हो ... अन्यथा कोई एक बहन बेटियोंवाला मुझे गारंटी दे कि बहुत शीघ्र ही ये दृश्य उसके घर मे नही दिखेगा ..
जब नकारात्मक बिकाऊ मैकालेवादी, मीडिया जनता को भ्रमित करे, तब पायें; शर्मनिरपेक्ष मीडिया का सकारात्मक राष्ट्रवादी व्यापक विकल्प का सार्थक संकल्प, - आओ मिलकर देश बचाएं ! पत्रकारिता व्यवसाय नहीं, एक पुनीत संकल्प है। इस देश को लुटने से बचाने हेतु तथा विश्व कल्याणार्थ, जड़ों से जुड़ें युगदर्पण के संग। विविधता, व्यापकता व राष्ट्रवाद के लेखन सहित: युगदर्पण मीडिया समूह YDMS में विविध विषय के 30 ब्लाग, 5 चेनल, orkut, FB, ट्वीटर etc तथा कई समूह, समुदाय एवं पेज भी है।
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